प्रधानमंत्री ने गंगाजल परियोजना का शुभारंभ किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थित आगरा में रैली के साथ उत्तर प्रदेश में बीजेपी के चुनाव अभियान की शुरुआत की।
भारत सरकार ने पीएम मोदी के यूपी दौरे के बारे में जानकारी दी है। पीएम मोदी ने 9 जनवरी को आगरा का दौरा किया और इस मौके पर वह 2,980 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का शुभारंभ भी किया।
उन्होंने गंगाजल प्रोजेक्ट समेत कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने आगरा स्मार्ट सिटी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर समेत कई योजनाओं का भी शिलान्यास किया।
गंगाजल प्रोग्राम 2,880 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। इसके तहत आगरा को बेहतर पानी की सप्लाई मिलेगी। इसका फायदा आगरा में रहने वालों के साथ साथ पर्यटकों को भी मिलेगा।
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RBI ने विभिन्न कार्ड लेनदेन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
भारतीय रिजर्व बैंक ने विभिन्न कार्ड लेनदेन में सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिहाज से नई ‘‘टोकन’’ व्यवस्था अपनाने के लिए 8 जनवरी को दिशा-निर्देश जारी किए। इनमें डेबिट और क्रेडिट कार्ड से लेनदेन भी शामिल है।
इस टोकन व्यवस्था का मकसद भुगतान प्रणाली की सुरक्षा को मजबूत करना है।
इसका तात्पर्य कार्ड के वास्तविक ब्योरे को एक विशिष्ट वैकल्पिक कोड ‘टोकन’‘ से बदलना है। यह कोड अपने आप में एक विशिष्ट व्यवस्था होगी।
पॉइंट ऑफ़ सेल (पीओएस) टर्मिनलों, क्विक रेस्पांस (क्यूआर) कोड भुगतान के लिए वास्तविक कार्ड ब्योरे के स्थान पर कार्ड से संपर्करहित तरीके से लेनदेन के लिए इस टोकन का इस्तेमाल किया जाता है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि टोकन कार्ड से लेनदेन की सुविधा फिलहाल मोबाइल फोन और टैबलेट के जरिये उपलब्ध होगी। इससे प्राप्त अनुभव के आधार पर बाद में इसका विस्तार अन्य उपकरणों तक किया जाएगा।
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नई दिल्ली में शुरू हुआ ''रायसीना डायलॉग''
रायसीना डायलॉग का चौथा संस्करण 8 जनवरी को नई दिल्ली में शुरू हुआ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की उपस्थिति में नार्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग इस कार्यक्रम में उद्घाटन भाषण दिया।
इस वर्ष संवाद का विषय है - “A World Reorder: New Geometries; Fluid Partnerships; Uncertain Outcomes”. यानी 'विश्व व्यवस्था में नये समीकरण, डगमगाती साझेदारियां और अनिश्चित परिणाम'।
विदेश मंत्रालय ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के साथ साझेदारी कर इस वार्षिक भू-राजनीतिक और भूस्थिर सम्मेलन का आयोजन किया है.
इस संवाद में 93 देशों के 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
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भारत में जन्मी गीता गोपीनाथ आईएमजी में मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में शामिल हुईं
भारत में जन्मी गीता गोपीनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में मुख्य अर्थशास्त्री के पद का कार्यभार ग्रहण किया है। वे इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं।
उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसंधान विभाग के इकोनॉमिक काउन्सलर और डायरेक्टर मॉरिस ऑब्स्टफेल्ड का स्थान लिया है, जो 31 दिसंबर को सेवा निवृत्त हो गये थे।
गीता गोपीनाथ हार्वर्ड विश्विद्यालय में प्रोफेसर रही हैं। उनकी चीफ इकॉनमिस्ट के रूप में नियुक्ति के वक्त आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लगार्द ने कहा था, 'गोपीनाथ दुनिया की बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक हैं।
गोपीनाथ ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए और दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन से एमए की डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री प्रिंसटन विश्वविद्यालय से 2001 में प्राप्त की। वह केरल के मुख्यमंत्री की वित्तीय सलाहकार भी रह चुकी हैं।
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नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भारत और नॉर्वे में समझौता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नार्वे की समकक्ष एर्ना सोलबर्ग के बीच 8 जनवरी को हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) और जलीय अर्थव्यवस्था में सहयोग करने पर सहमति जताई है।
इस दौरान, मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय जलीय समझौते से नई पीढ़ी को इस क्षेत्र के सभी विभागों में सहयोग की नई दिशा मिलेगी।
नीली अर्थव्यवस्था
- नीली अर्थव्यवस्था में वह आर्थिक गतिविधियां शामिल हैं, जिसमें समुद्र के संसाधनों का उपयोग इस तरह किया जाता है कि उससे समुद्री पर्यावरण व्यवस्था को कोई नुक़सान न हो।
- इसमें मछली पालन, समुद्री परिवहन, पर्यटन, एनर्जी और वेस्ट मैनेजमेंट आदि शामिल हैं। इसके अलावा जैव विविधता की रक्षा और तटीय क्षेत्रों का विकास और रक्षा भी इसमें शामिल हैं।
- नीली अर्थव्यवस्था में आर्थिक वृद्धि, रोजगार के अवसर में तेजी लाने की क्षमता है। यह नई औषधियों, कीमती रसायनों और प्रोटीन फ़ूड का पता लगाने में मदद करती है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की जानकारी देती है।
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स का दूसरा संस्करण पुणे में शुरू हुआ
खेलो इंडिया, युवा खेलों के दूसरे संस्करण का 8 जनवरी को महाराष्ट्र में पुणे में आधिकारिक तौर पर शुभारम्भ हुआ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए समारोह को सम्बोधित किया।
इसमें अलग-अलग राज्यों से लगभग नौ हजार खिलाड़ी 18 स्पर्धाओं में भाग लेंगे।
युवा ओलिम्पिक में गोल्ड मेडल विजेता स्टार शूटर मनु भाकर और सौरभ चौधरी तथा भारोत्तलक जर्मी लाल रिनुंगा भारत के प्रतिभाशाली युवा खिलाडि़यों में से एक होंगे, जो इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
इस प्रतियोगिता में तीन दस वर्षीय खिलाड़ी झारखंड की फुटबाल खिलाड़ी प्रतिमा कुमार, मिजोरम से हॉकी खिलाड़ी मिजोरम से लाल्त लांचुगीं और पश्चिम बंगाल के एयर राइफल शूटर अभिनव शॉ पहली बार इतने बड़े स्तर की खेल प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
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124वां संविधान संशोधन विधेय़क 2019 पारित
लोकसभा ने सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को दस प्रतिशत आरक्षण देने के लिए 124वां संविधान संशोधन विधेय़क 2019 पारित कर दिया है।
यह विधेयक आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सीधे भर्ती और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए आरक्षण सुनिश्चित करेगा।
सदन के 323 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में और तीन ने इसके खिलाफ वोट दिया।
आरक्षण का प्रावधान ऐसे वर्गों के लिए है चाहे वह किसी भी धर्मावलंबी के हों, जो वर्तमान में एस सी, एस टी, ओ बी सी की आरक्षण व्यवस्था से बाहर हैं। ऐसे सब लोग इस प्रावधान का लाभ ले सकेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ने सत्र का समापन करते हुए कहा कि सत्र के दौरान 12 सरकारी विधेयक पुनस्थापित किए गए और अनेक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए।सदन में पेश महत्वपूर्ण विधेयकों में ट्रांसजेंडर अधिकार संबंधी विधेयक, सरोगेसी संबंधी विधेयक, ऑटिज्म से प्रभावित लोगों से जुड़ा विधेयक, मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक, आईएमसी संशोधन विधेयक, नागरिकता संशोधन विधेयक और संविधान (124वां संशोधन) विधेयक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध विधेयकों में 82.35 प्रतिशत विधेयक पारित हुए।
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लोकसभा ने नागरिकता संशोधन विधेयक पारित किया
नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित कर दिया गया है।
यह विधेयक नागरिकता कानून, 1955 में संशोधन के लिए लाया गया है और संसद से पारित होने के बाद यदि यह कानून बन जाता है तो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना के कारण पलायन कर यहां शरण लेने वाले लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी।
इसके तहत इन देशों से पलायन करने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म को मानने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को उचित दस्तावेजों के बगैर भी भारतीय नागरिकता मिल सकेगी। लेकिन इसके लिए उन्हें कम से कम 6 साल भारत में गुजारने होंगे, जो अवधि पहले 12 साल की थी।
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