टैल्कम पाउडर स्वास्थ्य जोखिम मूल्यांकन मसौदा जारी
टैल्कम पाउडर से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा होने वाली चर्चा फिर से स्पॉटलाइट में है।
'हेल्थ कनाडा' ने सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए टैल्कम पाउडर उपयोग से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम मूल्यांकन मसौदा जारी किया।
कनाडा देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग, 'हेल्थ कनाडा' द्वारा प्रकाशित इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि श्वास लेने के दौरान टेलकम पाउडर फेफड़ों के लिए हानिकारक होता है और जननांग क्षेत्र (genital area) में महिलाओं द्वारा उपयोग किए जाने पर संभवतः डिम्बग्रंथि के कैंसर का कारण बन सकता है।
भारत पर असर
- भारत में, टैल्कम पाउडर सबसे व्यापक रूप से स्व-देखभाल उत्पादों में से एक माना जाता है।
- पसीने और गंध से बचने के लिए, उपयोगकर्ता को सूंदर त्वचा देने में मदद करने के लिए टैल्कम पाउडर बड़ी संख्या में भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद है
- भारत में टैल्कम पाउडर का बाजार लगभग 700 करोड़ रुपये के आसपास है।
- टैल्कम पाउडर पर अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान संस्थान (आईएआरसी), डेनमार्क पर्यावरण संरक्षण एजेंसी और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किया गया है।
यह भी जानें
- हेल्थ कनाडा, कनाडा सरकार का एक विभाग है जो राष्ट्रीय जनता स्वास्थ्य के लिए ज़िम्मेदार है। इसे 1993 में बनाया गया था।
तमिलनाडु ने कावेरी औपचारिकता हेतु सुप्रीम कोर्ट में की याचिका दायर
तमिलनाडु सरकार ने ''कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण'' (सीडब्ल्यूएमए) के पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।
वर्तमान में, केन्द्रीय जल आयोग (Central Water Commission CWC) अध्यक्ष इस प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण
- केंद्र सरकार द्वारा 1 जून, 2018 को इस प्राधिकरण का गठन किया गया था।
- प्राधिकरण का उद्देश्य : उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कावेरी नदी के जल का समतामूलक वितरण सुनिश्चित करना।
- कावेरी एक अंतर्राज्यीय नदी है। इसके तटीय राज्य कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल व पुडुचेरी हैं। इस नदी के जल के बंटवारे हेतु इन राज्यों में विवाद चल रहा है।
- इसलिए इस प्राधिकरण का गठन किया गया था ताकि तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुडुचेरी के बीच नदी जल के बंटवारे पर विवाद का समाधान किया` जा सके।
ओपेक तेल उत्पादन में कटौती पर सहमति बनी
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और उनके सहयोगी तेल उत्पादक देश छह महीने की अवधि के लिए 12 लाख बैरल प्रतिदिन की दर से कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती पर सहमत हो गए हैं।
बता दें, यह अवधि एक जनवरी से लागू होगी।
ईरान के तेल मंत्री बिजान जांगनेह ने 24 तेल उत्पादक देशों की बैठक खत्म होने के बाद मीडिया को इसकी जानकारी दी।
झांगनेह ने कहा कि वह इस बात से संतुष्ट थे कि ईरान तेल उत्पादन में कटौती की प्रतिबद्धता से मुक्त बना रहेगा।
ओपेक
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और उनके सहयोगी तेल उत्पादक देश छह महीने की अवधि के लिए 12 लाख बैरल प्रतिदिन की दर से कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती पर सहमत हो गए हैं।
बता दें, यह अवधि एक जनवरी से लागू होगी।
ईरान के तेल मंत्री बिजान जांगनेह ने 24 तेल उत्पादक देशों की बैठक खत्म होने के बाद मीडिया को इसकी जानकारी दी।
झांगनेह ने कहा कि वह इस बात से संतुष्ट थे कि ईरान तेल उत्पादन में कटौती की प्रतिबद्धता से मुक्त बना रहेगा।
ओपेक
- ओपेक (Organization of the Petroleum Exporting Countries (OPEC)) पेट्रोलियम उत्पादक 14 देशों का संगठन है।
- इसके सदस्यों में अल्जीरिया, अंगोला, ईक्वाडोर, इरान, ईराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, नाइजीरिया, लीबिया तथा वेनेजुएला शामिल है।
- सन 1960 से ही इस संगठन का मुख्यालय विएना (ऑस्ट्रिया) में है जहाँ सदस्य देशों के तेल मंत्रियों की समय-समय पर बैठक हुआ करती है
शुभंकर शर्मा बने एशियाई टूर ऑर्डर ऑफ मेरिट जीतने वाले सबसे युवा भारतीय गोल्फर
शुभंकर शर्मा एशियाई टूर ऑर्डर ऑफ मेरिट जीतने वाले सबसे युवा भारतीय गोल्फर बन गए हैं।
शुभंकर शर्मा से पहले ज्योति रंधावा (2002), अर्जुन अटवाल (2003), जीव मिल्खा सिंह (2006 और 2008) और अनिर्बान लाहिड़ी (2015) एशियाई टूर ऑर्डर ऑफ मेरिट जीत चुके हैं। इनमें से कोई भी 30 वर्ष से कम उम्र का नहीं था जबकि शुभंकर शर्मा की उम्र अभी 22 वर्ष ही है।
उन्होंने कहा, एशियाई टूर ऑर्डर ऑफ मेरिट काफी खास है । ज्योति रंधावा, अर्जुन अटवाल, जीव मिल्खा सिंह और अनिर्बान लाहिड़ी जैसे धुरंधरों ने इसे जीता है जिन्हें देखकर मैं खेल सीखा हूं।'
अब वह अगले सप्ताह जकार्ता में बीएनआई इंडोनेशिया मास्टर्स खेलेंगे।
34वां सार्क चार्टर दिवस 8 दिसंबर को मनाया गया
दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (एसएयू) ने 8 दिसंबर को 34वां दक्षेस चार्टर दिवस मनाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक संदेश में कहा कि दक्षेस के संस्थापक सदस्य के तौर पर भारत क्षेत्रीय सहयोग एवं एकीकरण को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हाल के कुछ सालों में हमारी पहलों - जैसे दक्षिण एशिया उपग्रह का प्रक्षेपण, दक्षिण एशियाई देशों तक भारत के राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (एनकेएन) का विस्तार और दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय एवं दक्षेस आपदा प्रबंधन केंद्र (अंतरिम इकाई) को सतत समर्थन और आपसी संपर्क के साथ बढ़ाया जा रहा है।
8 दिसंबर के दिन 1985 में सदस्यों देशों के एक चार्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद यह क्षेत्रीय निकाय अस्तित्व में आया था।
दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (एसएयू)
एसएयू एक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय है जिसका वित्तपोषण एवं प्रबंधन दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के आठ सदस्य राष्ट्र करते हैं। इनमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल है।
वेनेसा पोन्स डे लियॉन बनी मिस वर्ल्ड 2018
चीन के सान्या में मिस वर्ल्ड-2018 कॉन्टेस्ट का आयोजन किया गया था, इस समारोह में मेक्सिको की वेनेसा पोन्स डे लियॉन को मिस वर्ल्ड 2018 चुना गया।
बता दें, उन्हें मिस वर्ल्ड 2017 यानी भारत की मानुषी छिल्लर ने ताज पहनाया।
वहीं थाईलैंड की निकोलेन पिशापा को फर्स्ट रनरअप चुना गया है।
इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से तमिलनाडु की अनुकृति वास ने हिस्सा लिया था। अनुकृति टॉप 30 में शामिल हुई थीं, लेकिन इसके बाद वह टॉप 12 में जगह नहीं बना सकीं।
भारत के अलावा टॉप 30 में चिली, फ्रांस, बांग्लादेश, जापान, मलेशिया, मॉरिशस, मेक्सिको, नेपाल, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, थाइलैंड, युगांडा, अमेरिका, वेनेजुएला और वियतनाम शामिल है।
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