इवनिंग न्यूज़ 7 डिसेंबर 2018 हिंदी_करंट अफेयर्स
Evening News : 7 December 2018 Hindi-Current Affairs
इवनिंग न्यूज़ 7 डिसेंबर 2018 हिंदी_करंट अफेयर्स
Hindi | हिंदी
भारत : वायु प्रदूषण से हर आठ में से एक व्यक्ति ने गंवाई अपनी जान
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के एक अध्धयन में यह खुलासा हुआ है कि पिछले साल तंबाकू के इस्तेमाल के मुकाबले वायु प्रदूषण से लोग अधिक बीमार हुए और इसके चलते भारत में हर आठ में से एक व्यक्ति ने अपनी जान गंवाई।
इस अध्ययन में यह भी कहा गया कि हवा के अत्यंत सूक्ष्म कणों-पीएम 2.5 के सबसे ज्यादा संपर्क में दिल्लीवासी आते हैं। उसके बाद उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा का नंबर आता है।
इसमें कहा गया कि 2017 में करीब 12.4 लाख मौतों के पीछे वायु प्रदूषण वजह थी।
अध्ययन में कहा गया है कि दुनिया भर में वायु प्रदूषण के कारण 18 फीसदी लोगों ने समय से पहले या तो अपनी जान गंवा थी अथवा बीमार पड़ गए। इसमें भारत का आंकड़ा 26 फीसदी था।
पिछले साल वायु प्रदूषण के कारण जिन 12.4 लाख लोगों की मौत हुई थी उनमें आधे से अधिक की उम्र 70 से कम थी।
वायु प्रदूषण अब केवल श्वसन संबंधी बीमारियों के लिए ही जिम्मेदार नहीं है बल्कि फेफड़ों की बीमारियां, न्यूमोनिया और फेफड़ों के कैंसर के लिए भी बड़ा रिस्क फैक्टर बनता जा रहा है।
अध्धयन के अनुसार, लोअर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन तंबाकू से ज्यादा वायु प्रदूषण से हो रहा है. जबकि, प्रति एक लाख लोगों में 49 लोगों को फेफड़ों के कैंसर की वजह वायु प्रदूषण है, तो 62 लोगों में इसकी वजह तंबाकू है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की 'गवाह संरक्षण योजना' को हरी झंडी दे दी
आज भी हमारे देश में कितने अपराधी इसलिए छूट जाते हैं कि गवाह मुकर गया या कितने गवाह इसलिए मार दिए जाते हैं कि उन्होंने मुकरने से इनकार कर दिया। कई बार गवाह न्यायालय की चौखट तक नहीं पहुंच पाते हैं।
बता दें, केंद्र सरकार ने नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ मिलकर गवाह सुरक्षा योजना तैयार की है और इसे कानून बनाए जाने से पहले, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं।
नए निर्देशों के तहत ये होगा असर
- इसमें गवाहों को चौबीसों घंटे सुरक्षा दी जाएगी।
- जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी सुरक्षित जगह ले जाया जा सकता है।
- उनकी पहचान को गुप्त रखना और उनका व अभियुक्त का आमना-सामना न होने देने तक की व्यवस्था की जाएगी।
वार्षिक स्टार्टअप इंडिया उद्यम पूंजी शिखर सम्मेलन-2018 का गोवा में आयोजन
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) और गोवा सरकार 7 दिसंबर, 2018 को गोवा में वार्षिक स्टार्टअप इंडिया उद्यम पूंजी शिखर सम्मेलन 2018 की मेजबानी कर रहे हैं।
इस शिखर सम्मेलन का विषय ‘भारत में नवाचार के लिए वैश्विक पूंजी जुटाना है’।
इस आयोजन में पूरे विश्व से पूंजी को आकर्षित करने के लिए भारतीय स्टार्टअप के अवसरों का प्रदर्शन किया जाएगा।
इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य देश में अधिक से अधिक वैश्विक पूंजी को आकर्षित करना है। इससे देश में स्टार्टअप माहौल को और प्रोत्साहित करने के तरीकों के लिए सरकार और अनुभवी उद्यम पूंजी निधि प्रबंधकों के बीच वार्ता करने में मदद मिलेगी।
बता दें, भारत में दुनिया का सबसे बड़ा तीसरा स्टार्टअप आधार है और यहां 14,000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप है।
8,200 से अधिक स्टार्टअप को डीआईपीपी ने ही अकेले 2018 में मान्यता प्राप्त दी थी। इससे इस वर्ष 89,000 से अधिक नई नौकरियों का सृजन हुआ।
अंतः विषय साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इंटरडिसप्लीनरी साइबर-फिजिकल प्रणालियों के राष्ट्रीय मिशन (एनएम-आईसीपीएस) को मंजूरी दे दी गई है।
इसे पांच सालों के लिए 3660 करोड़ रुपये की कुल लागत के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग लागू करेगा।
एनएम-आईसीपीएस एक व्यापक मिशन है जो प्रौद्योगिकी विकास, विनियोग विकास, मानव संसाधन विकास, कौशल विकास, उद्यमशीलता और स्टार्ट-अप विकास तथा संबंधित प्रौद्योगिकियों के मुद्दों को हल करेगा।
मिशन का लक्ष्य 15 प्रौद्योगिकी नवाचार केन्द्र, 6 विनियोग नवाचार केन्द्र और 4 टेक्नोलाजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क्स (टीटीआरपी) बनाना है।
पंजाब में रावी नदी पर शाहपुरकिंदी बांध के निर्माण को मिली मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने पंजाब में रावी नदी पर शाहपुरकंदी बांध के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
इस बांध के निर्माण से पाकिस्तान को नुकसान होगा और वर्तमान में पाकिस्तान को रावी नदी से मिलने वाले पानी में कमी आएगी।
इस परियोजना की मदद से मधोपुर हेडवर्क्स से होते हुए पाकिस्तान में फालतू बह जाने वाले पानी को रोककर इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।
इसके 2022 तक पूरा हो जाने की संभावना है। इस बांध की मदद से जम्मू-कश्मीर और पंजाब में किसानों को सिंचाई जैसे काम के लिए काफी पानी मिलेगी।
इसके अलावा इसकी मदद से पंजाब 206 मेगावॉट का अतिरिक्त हाइड्रो-पावर भी पैदा करने में सक्षम होगा।
रावी नदी
- रावी नदी हिमाचल प्रदेश के कांगडा जिले में रोहतांग दर्रे से निकल कर हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर तथा पंजाब होते हुए पाकिस्तान से बहती हुयी झांग जिले की सीमा पर चिनाव नदी में मिल जाती हैं।
कृषि निर्यात नीति को मिली मंजूरी
कृषि क्षेत्र का निर्यात साल 2022 तक दोगुना कर 60 अरब डॉलर पर पहुंचाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि निर्यात नीति को मंजूरी दे दी है।
6 दिसंबर को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने मंत्रिमंडल के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि कृषि निर्यात नीति का मकसद क्षेत्र से चाय, कॉफी, चावल तथा अन्य चीजों के निर्यात को बढ़ावा देना है। इससे वैश्विक कृषि व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि नीति में जैविक उत्पादों के निर्यात पर लगे सभी तरह के प्रतिबंधों को हटाने पर भी जोर दिया गया है। इस नीति के क्रियान्वयन से करीब 1,400 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव होगा।
एक अन्य फैसले में, केंद्रीय कैबिनेट ने नैशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स के तहत 15 टेक्नॉलॉजी इनोवेशन हब्स, 6 ऐप्लिकेशन इनोवेशन हब्स और 4 टेक्नॉलजी ट्रांसलेशन रिसर्च हब्स स्थापित करने का फैसला किया है।
जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 में संशोधन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने 6 दिसंबर 2018 को जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 में संशोधन को मंजूरी दे दी।
अब कांग्रेस नेता की जगह लोकसभा के नेता विपक्ष या सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता इसके सदस्य होंगे।
इस निर्णय का उद्देश्य जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम 1951 में उपयुक्त संशोधन करना है। इसके जरिये ट्रस्टी के रूप में लोकसभा में नेता विपक्ष अथवा विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के नेता को शामिल करना है।
पार्टी आधारित सदस्यता खत्म होने से ट्रस्ट गैर राजनीतिक हो जाएगा। संशोधन ट्रस्ट में विपक्षी पार्टियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगा।
इससे सरकार के हाथों में वह शक्ति आ जाएगी, जिससे वह किसी सदस्य को ट्रस्ट से बाहर निकाल सकेगी और उसके स्थान पर दूसरे को रख सकेगी। वह ट्रस्ट के कामकाज में हिस्सा ले सकेगी।

No comments:
Post a Comment