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    Saturday, December 15, 2018

    Evening News : 15 December 2018 Hindi-Current Affairs इवनिंग न्यूज़ 15 डिसेंबर 2018 हिंदी_करंट अफेयर्स

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    जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक में भारत 11वें स्थान पर रहा
    ग्लोबल वार्मिंग पर संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक (सीसीपीआई) 2018 जारी किया गया था।
    इंडेक्स के अनुसार, स्वीडन सूची में सबसे ऊपर है जबकि भारत 11वें स्थान पर रहा।
    यूरोपीय संघ पूरी तरह से 21 से 16वें स्थान पर पहुंच गया है, लेकिन जर्मनी इसकी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था 22वीं से 27वीं तक गिर गई, इसका कारण लिग्नाइट कोयले पर निर्भरता, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का एक बड़ा स्रोत है।
    सऊदी अरब 60वें स्थान पर आंशिक रूप से अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ता के दौरान अपनी बाधात्मक भूमिका के कारण आया है।



    अंग्रेजी लेखक अमिताव घोष ज्ञानपीठ-2018 के लिए चुने गए
    अंग्रेजी के प्रतिष्ठित साहित्यकार अमिताव घोष को वर्ष 2018 के लिए 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला है। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित होने वाले वे अंग्रेजी के पहले लेखक हैं।
    ज्ञानपीठ पुरस्कार
    • ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है।
    • भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं अनुसूची में बताई गई 22 भाषाओं में से किसी भाषा में लिखता हो इस पुरस्कार के योग्य है।
    • पुरस्कार में ग्यारह लाख रुपये की धनराशि, प्रशस्तिपत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा दी जाती है।
    • 1965 में 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से प्रारंभ हुए इस पुरस्कार को 2005 में 7 लाख रुपए कर दिया गया जो वर्तमान में ग्यारह लाख रुपये हो चुका है।
    • 2005 के लिए चुने गये हिन्दी साहित्यकार कुंवर नारायण पहले व्यक्ति थे जिन्हें 7 लाख रुपए का ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ।
    • प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 में मलयालम लेखक जी शंकर कुरुप को प्रदान किया गया था।
    अमिताव घोष के बारे में
    • अमिताव घोष अंग्रेज़ी भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक उपन्यास द शैडो लाइन्स के लिये उन्हें वर्ष 1989 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। घोष साहित्य अकादमी और पद्मश्री सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके हैं।
    • उनकी प्रमुख रचनाओं में 'द सर्किल ऑफ रीजन', 'दे शेडो लाइन', 'द कलकत्ता क्रोमोसोम', 'द ग्लास पैलेस', 'द हंगरी टाइड', 'रिवर ऑफ स्मोक' और'फ्लड ऑफ फायर' प्रमुख हैं।




    अशोक गेहलोत होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री व सचिन पायलट उपमुख्यमंत्री
    कांग्रेस आलाकमान ने राजस्‍थान में एक बार फिर से कमान पूर्व सीएम अशोक गहलोत को सौंप दी है।
    अशोक गहलोत 17 दिसंबर को जयपुर के जनपथ पर आयोजित समारोह में शपथ ग्रहण करेंगे, उनके साथ ही उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
    वोटिंग के नतीजे
    • बता दें, 199 सीटों पर हुए चुनावों में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 99 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं बीजेपी को महज 73 सीटों से ही संतोष करना पड़ा।
    अशोक गहलोत
    • राजस्‍थान में कांग्रेसी नेता अशोक गहलोत बड़े कद के नेता हैं। राज्‍य में विधानसभा चुनाव की तैयारियों में वह काफी समय से लगे थे। निजी जीवन की बात करें तो उनके पिता बाबू लक्ष्मण सिंह गहलोत देश के जाने-माने जादूगर थे।



    श्रीलंका के प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा
    विवादों में फंसे श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंद्रा राजपक्षे ने 15 दिसंबर को इस्तीफा दे दिया।
    श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरीसेना ने हाल ही में रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर महिंद्रा राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था, जिससे देश में संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया था, हालांकि विक्रमसिंघे ने अपनी बर्खास्तगी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
    इन परिस्थितियों में रानिल विक्रमसिंघे फिर से प्रधानमंत्री बनाए जा सकते हैं।
    यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने राजपक्षे की नियुक्ति को अवैध करार दे दिया था।
    यह था मामला
    • विक्रमसिंघे की राजनीतिक पार्टी यूएनपी ने सिरिसेन की पार्टी के साथ मिलकर वर्ष 2015 में सरकार बनाई थी। तब राजपक्षे को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।
    • 26 अक्टूबर को विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाली संयुक्त सरकार से सिरिसेन के यूपीएफए गठबंधन ने समर्थन वापस ले लिया है। इसकी वजह से सरकार अल्पमत में आ गई थी।


    रामफल पवार को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो का निदेशक नियुक्त किया
    खुफिया ब्यूरो (आइबी) के निदेशक राजीव जैन और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के प्रमुख अनिल के. धस्माना को सरकार ने छह माह का सेवा विस्तार दिया है। दोनों का दो साल का कार्यकाल क्रमश: 30 और 29 दिसंबर को खत्म हो रहा था।
    राज्य सरकार ने यह फैसला अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले दोनों महत्वपूर्ण खुफिया एजेंसियों के शीर्ष पदों पर नए व्यक्तियों की नियुक्ति से बचने के लिए किया है।
    राजीव जैन 1980 बैच के झारखंड कैडर के आइपीएस अधिकारी हैं, जबकि अनिल धस्माना 1981 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आइपीएस हैं।
    कैबिनेट समिति ने नीति आयोग में सलाहकार अनिल श्रीवास्तव को मुख्य सलाहकार पद पर पदोन्नत कर दिया है। साथ ही 1988 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के आइपीएस अधिकारी रामफल पवार को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का निदेशक नियुक्त किया है।
    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो
    • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, की स्थापना 1986 में अपराध और अपराधियों की सूचना के संग्रह एवं स्रोत के रूप में की गई थी। जिससे कि अपराध को अपराधियों से जोड़ने में खोजकर्ताओं को सहायता मिल सके।
    • इसकी स्थापना राष्ट्रीय पुलिस कमीशन (1977-1981) तथा गृह मंत्रालय के टास्क फोर्स (1985) की सिफ़ारिश के आधार पर की गई थी।



    राष्ट्रीय मेडिकल उपकरण संवर्धन परिषद का होगा गठन
    वाणिज्य और उद्योग मंत्री और नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के तहत वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण संवर्धन परिषद की स्थापना की घोषणा की है।
    यह घोषणा विशाखापत्तनम में आंध्र प्रदेश मेडटेक जोन में चिकित्सा उपकरणों पर चौथे डब्ल्यूएचओ ग्लोबल फोरम के अवसर पर की गई थी।
    परिषद की अध्यक्षता डीआईपीपी सचिव द्वारा की जाएगी।
    इसका उद्देश्य तेजी से उभरते मेडिकल उपकरण व्यवसाय को प्रोत्साहित करना, इनके विनिर्माण को बढ़ावा देना, निवेश को आकर्षित करना और इनके निर्यात को बढ़ावा देना है। 
    संबंधित विभागों के अलावा, परिषद में स्वास्थ्य देखभाल उद्योग और गुणवत्ता नियंत्रण संस्थानों के प्रतिनिधि भी होंगे।




    इको निवास संहिता 2018 लांच
    विद्युत मंत्रालय ने रिहायशी इमारतों के लिए ऊर्जा संरक्षण इमारत कोड (ईसीबीसी-आर), इको निवास संहिता 2018, शुरू की है।
    इस कोड की शुरूआत 14 दिसंबर को राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में की गई।
    एनईसीए समारोह के अवसर पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें भारत की ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा संरक्षण की यात्रा को दर्शाया गया है।
    कोड को लागू करने से रिहायशी क्षेत्रों में ऊर्जा की बचत होने की उम्‍मीद है। इस संहिता के कार्यान्वयन से 2030 तक सालाना 125 अरब यूनिट की बिजली की बचत होने की संभावना है, जो लगभग 100 मिलियन टन कॉर्बनडाइआक्सा‍इड के उत्सर्जन के बराबर है।
    इसका उद्देश्‍य ऐसे अपार्टमेंट और टाउनशिप का डिजाइन तैयार करना और उनके निर्माण को बढ़ावा देना है जिससे उनमें रहने वालों को ऊर्जा की बचत के लाभ दिए जा सकें।

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