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ईरान के तेल के लिए रुपये से भुगतान के बाद अब भारत ने टैक्स में भी दी राहत
ईरान के तेल के लिए रुपये से भुगतान के बाद अब भारत ने टैक्स में भी दी राहत
वित्त मंत्रालय ने नेशनल ईरानियन ऑइल कंपनी (NIOC) को रुपये में हुए भुगतान को भारी-भरकम 'विदहोल्डिंग' टैक्स से मुक्त कर दिया है।
इस राहत के बाद अब भारतीय रिफाइनरियां NIOC के साथ लंबित 1.5 अरब डॉलर के भुगतान का हिसाब-किताब कर पाएंगी।
अमेरिका द्वारा अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिबंध लगाने के बाद ईरान और भारत ने 2 नवंबर को एक समझौता किया था। इसके तहत दोनों देशों ने अपने तेल व्यापार के भुगतान को रुपये में भारत के सरकारी यूको बैंक के माध्यम से करने का फैसला किया था।
हालांकि किसी विदेशी कंपनी की भारतीय बैंकों में जमा अपनी आय पर भारी टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। अब भारत ने ईरान को विदहोल्डिंग टैक्स से मुक्त कर दिया है। ईरान यूको बैंक की मदद से रुपये में हुए भुगतान को विभिन्न मदों में खर्च कर सकता है।
हालांकि टैक्स की यह राहत केवल क्रूड ऑइल पर ही मिलेगी, खाद, एलपीजी या वैर्स के आयात पर यह राहत नहीं है।
वित्त मंत्रालय ने नेशनल ईरानियन ऑइल कंपनी (NIOC) को रुपये में हुए भुगतान को भारी-भरकम 'विदहोल्डिंग' टैक्स से मुक्त कर दिया है।
इस राहत के बाद अब भारतीय रिफाइनरियां NIOC के साथ लंबित 1.5 अरब डॉलर के भुगतान का हिसाब-किताब कर पाएंगी।
अमेरिका द्वारा अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिबंध लगाने के बाद ईरान और भारत ने 2 नवंबर को एक समझौता किया था। इसके तहत दोनों देशों ने अपने तेल व्यापार के भुगतान को रुपये में भारत के सरकारी यूको बैंक के माध्यम से करने का फैसला किया था।
हालांकि किसी विदेशी कंपनी की भारतीय बैंकों में जमा अपनी आय पर भारी टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। अब भारत ने ईरान को विदहोल्डिंग टैक्स से मुक्त कर दिया है। ईरान यूको बैंक की मदद से रुपये में हुए भुगतान को विभिन्न मदों में खर्च कर सकता है।
हालांकि टैक्स की यह राहत केवल क्रूड ऑइल पर ही मिलेगी, खाद, एलपीजी या वैर्स के आयात पर यह राहत नहीं है।
आवारा पशुओं के लिए योगी सरकार का नया कदम
आवारा पशुओं के लिए योगी सरकार का नया कदम
योगी सरकार ने छुट्टा जानवरों से परेशान किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए प्रदेश के सभी ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में 'अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना और संचालन नीति लागू की जा रही है।
1 दिसंबर को कैबिनेट ने इस नीति को मंजूरी दे दी। इसके तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगमों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल खोले जाएंगे।
इस मद में व्यय के लिए सरकार विभिन्न निधियों से धन जुटाएगी और उपकर भी वसूल करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में संपन्न कैबिनेट की बैठक में पांच प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
छुट्टा जानवर फसलों को क्षति पहुंचाते हैं। सड़कों पर इनकी मौजूदगी से मार्ग दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं।
आश्रय स्थलों में सरंक्षित गोवंश को पशुपालन विभाग की सेवाएं उपलब्ध कराये जाने के साथ ही गोवंश से उत्पादित दूध, गोबर, कम्पोस्ट आदि की बिक्री से आश्रय स्थलों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जाएगा।
अभी तक सरकार द्वारा प्रतिदिन पंजीकृत गोशालाओं में 30 रुपये प्रति गाय के हिसाब से अनुदान दिये जा रहे थे लेकिन, ये उपाय पूरे नहीं थे। गोवंश आश्रय स्थल के लिए एनजीओ और ट्रस्ट को भी सरकार सहूलियत देगी।
योगी सरकार ने छुट्टा जानवरों से परेशान किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए प्रदेश के सभी ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में 'अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना और संचालन नीति लागू की जा रही है।
1 दिसंबर को कैबिनेट ने इस नीति को मंजूरी दे दी। इसके तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगमों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल खोले जाएंगे।
इस मद में व्यय के लिए सरकार विभिन्न निधियों से धन जुटाएगी और उपकर भी वसूल करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में संपन्न कैबिनेट की बैठक में पांच प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
छुट्टा जानवर फसलों को क्षति पहुंचाते हैं। सड़कों पर इनकी मौजूदगी से मार्ग दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं।
आश्रय स्थलों में सरंक्षित गोवंश को पशुपालन विभाग की सेवाएं उपलब्ध कराये जाने के साथ ही गोवंश से उत्पादित दूध, गोबर, कम्पोस्ट आदि की बिक्री से आश्रय स्थलों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जाएगा।
अभी तक सरकार द्वारा प्रतिदिन पंजीकृत गोशालाओं में 30 रुपये प्रति गाय के हिसाब से अनुदान दिये जा रहे थे लेकिन, ये उपाय पूरे नहीं थे। गोवंश आश्रय स्थल के लिए एनजीओ और ट्रस्ट को भी सरकार सहूलियत देगी।
न्यायमूर्ति टी. बी. एन. राधाकृष्णन ने तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
न्यायमूर्ति टी. बी. एन. राधाकृष्णन ने तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
न्यायमूर्ति तोत्ततिल बी. राधाकृष्णन ने 1 जनवरी को तेलंगाना हाई कोर्ट के पहले मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कार्यभार संभाल लिया है।
तेलंगाना हाई कोर्ट वर्ष 2019 के पहले दिन अस्तित्व में आया है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राज्यपाल ई. एस. एल. नरसिम्हन ने यहां राजभवन में राधाकृष्णन को पद की शपथ दिलाई।
हैदराबाद में स्थित हाई कोर्ट के बंटवारे के बाद तेलंगाना के लिए एक अलग हाई कोर्ट अस्तित्व में आया है।
वर्ष 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन के बाद से हैदराबाद हाई कोर्ट संयुक्त रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों के मामले को देखता था।
12 न्यायाधीशों, 360 से अधिक जिले और सिविल न्यायाधीशों को नए तेलंगाना राज्य को आवंटित किया गया हैम जबकि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय को 500 से अधिक जिले और सिविल जज मिले हैं।
न्यायमूर्ति तोत्ततिल बी. राधाकृष्णन ने 1 जनवरी को तेलंगाना हाई कोर्ट के पहले मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कार्यभार संभाल लिया है।
तेलंगाना हाई कोर्ट वर्ष 2019 के पहले दिन अस्तित्व में आया है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राज्यपाल ई. एस. एल. नरसिम्हन ने यहां राजभवन में राधाकृष्णन को पद की शपथ दिलाई।
हैदराबाद में स्थित हाई कोर्ट के बंटवारे के बाद तेलंगाना के लिए एक अलग हाई कोर्ट अस्तित्व में आया है।
वर्ष 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन के बाद से हैदराबाद हाई कोर्ट संयुक्त रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों के मामले को देखता था।
12 न्यायाधीशों, 360 से अधिक जिले और सिविल न्यायाधीशों को नए तेलंगाना राज्य को आवंटित किया गया हैम जबकि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय को 500 से अधिक जिले और सिविल जज मिले हैं।
आवारा पशुओं के लिए योगी सरकार का नया कदम
आवारा पशुओं के लिए योगी सरकार का नया कदम
योगी सरकार ने छुट्टा जानवरों से परेशान किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए प्रदेश के सभी ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में 'अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना और संचालन नीति लागू की जा रही है।
1 दिसंबर को कैबिनेट ने इस नीति को मंजूरी दे दी। इसके तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगमों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल खोले जाएंगे।
इस मद में व्यय के लिए सरकार विभिन्न निधियों से धन जुटाएगी और उपकर भी वसूल करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में संपन्न कैबिनेट की बैठक में पांच प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
छुट्टा जानवर फसलों को क्षति पहुंचाते हैं। सड़कों पर इनकी मौजूदगी से मार्ग दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं।
आश्रय स्थलों में सरंक्षित गोवंश को पशुपालन विभाग की सेवाएं उपलब्ध कराये जाने के साथ ही गोवंश से उत्पादित दूध, गोबर, कम्पोस्ट आदि की बिक्री से आश्रय स्थलों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जाएगा।
अभी तक सरकार द्वारा प्रतिदिन पंजीकृत गोशालाओं में 30 रुपये प्रति गाय के हिसाब से अनुदान दिये जा रहे थे लेकिन, ये उपाय पूरे नहीं थे। गोवंश आश्रय स्थल के लिए एनजीओ और ट्रस्ट को भी सरकार सहूलियत देगी।
योगी सरकार ने छुट्टा जानवरों से परेशान किसानों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए प्रदेश के सभी ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में 'अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना और संचालन नीति लागू की जा रही है।
1 दिसंबर को कैबिनेट ने इस नीति को मंजूरी दे दी। इसके तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगमों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल खोले जाएंगे।
इस मद में व्यय के लिए सरकार विभिन्न निधियों से धन जुटाएगी और उपकर भी वसूल करेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में संपन्न कैबिनेट की बैठक में पांच प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
छुट्टा जानवर फसलों को क्षति पहुंचाते हैं। सड़कों पर इनकी मौजूदगी से मार्ग दुर्घटनाएं भी बढ़ी हैं।
आश्रय स्थलों में सरंक्षित गोवंश को पशुपालन विभाग की सेवाएं उपलब्ध कराये जाने के साथ ही गोवंश से उत्पादित दूध, गोबर, कम्पोस्ट आदि की बिक्री से आश्रय स्थलों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया जाएगा।
अभी तक सरकार द्वारा प्रतिदिन पंजीकृत गोशालाओं में 30 रुपये प्रति गाय के हिसाब से अनुदान दिये जा रहे थे लेकिन, ये उपाय पूरे नहीं थे। गोवंश आश्रय स्थल के लिए एनजीओ और ट्रस्ट को भी सरकार सहूलियत देगी।

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