Current Affairs, Gk, Job Alerts, , School Info, Competitive exams ; History , Geography , Maths, History of the day, Biography, PDF, E-book ,

Youtube Channel

  • Videos click here
  • Breaking

    Sports

    Translate

    Wednesday, December 26, 2018

    Evening News Hindi | इव्हनिंग न्यूज हिंदी 26_ 12_2018

    Views
    सामाजिक कार्यकर्ता सुलागिट्टी नरसम्मा का निधन
    कर्नाटक के पिछड़े इलाके कृष्णापुरा में बिना चिकित्सकीय सहायता के पारंपरिक तरीके से प्रसव कराकर 15 हजार से अधिक बच्चों को जन्म दिलाने वाली 98 वर्षीय सुलागिट्टी नरसम्मा का 25 दिसंबर को निधन हो गया।
    बता दें, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित नरसम्मा कर्नाटक में ‘जननी अम्मा’ के नाम से मशहूर थीं। उन्हें समाज सेवा के लिए साल 2018 में ही केंद्र सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।
    1920 में कर्नाटक के तुमकुर जिले में जन्मी नरसम्मा को समाजसेवा में उनके योगदान को देखते हुए तुमकुर यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी दी थी।
    उन्होंने 20 साल की उम्र में पहली बार अपनी दादी के प्रसव कार्य में हाथ बंटाया था। इसके बाद से पिछले 77 वर्षों से वह 15 हजार से अधिक बच्चों का जन्म करा चुकी थीं। इसके अलावा वह प्रसूताओं को आयुर्वेदिक दवाएं भी देती थीं।

    थाईलैंड ने दी मारिजुआना के उपयोग को मंजूरी
    थाईलैंड ने 25 दिसंबर को चिकित्सा उपयोग और अनुसंधान के लिए मारिजुआना के उपयोग को मंजूरी दे दी है।
    इस मंजूरी का असर यह होगा की चिकित्सा उपयोग और अनुसंधान के अतिरिक्त मारिजुआना का आयात, निर्यात, उत्पादन भी वैध हो जाएंगे।
    बता दें, कि मारिजुआना का उपयोग मनोरंजक के तौर पर करना गैर-कानूनी और जेल की शर्तों के अधीन रहेगा
    इस मंजूरी के साथ ही, थाईलैंड ऐसी कार्रवाई करने वाला दक्षिण पूर्व एशिया का पहला देश बन गया है।
    मारिजुआना (marijuana)
    मारिजुआना को हिंदी में गांजा के नाम से जाना जाता है, यह एक मादक पदार्थ (ड्रग) है जो गांजे के पौधे से भिन्न-भिन्न विधियों से बनाया जाता है।
    इसका उपयोग मनोसक्रिय मादक (psychoactive drug) के रूप में किया जाता है।

    अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना का हुआ शुभारंभ
    उत्तराखंड में 'अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना' का शुभारंभ किया गया।
    मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन (25 दिसंबर) पर इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया।
    अब प्रदेश के सभी 23 लाख परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये के निःशुल्क इलाज के दायरे में आ गए हैं। इससे पहले ''आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना'' के तहत उत्तराखंड के 5.37 लाख परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये का इलाज करा सकते थे।
    योजना को बेहतर बनाने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 104 शुरू किया गया है, इसके साथ ही योजना की वेबसाइट व एप को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।
    इस अवसर पर उपस्थित हजारों लाभार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह योजना राज्य के सभी परिवारों को लाभान्वित करेगी जो गंभीर बीमारी के चलते जीवन भर की कमाई खर्च करने पर मजबूर हो जाते थे।

    RBI ने पीसीआर के लिए  विप्रो, टीसीएस व 4 अन्य कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल पब्लिक क्रेडिट रजिस्ट्री (PCR) स्थापित करने के लिए छह प्रमुख आईटी कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है।
    ये आईटी कंपनयाँ टीसीएस, विप्रो, आईबीएम इंडिया, केपजेमिनी टेक्नोलॉजी सर्विसेज इंडिया, दून एंड ब्रैडस्ट्रीट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज इंडिया और माइंडट्री लिमिटेड हैं।
    पीसीआर सभी उधारकर्ताओं और इरादतन चूककर्ता का विवरण रखेगा। यह अर्थव्यवस्था में क्रेडिट सिस्टम को मजबूत करेगा।
    यह होगा असर
    प्रस्तावित पीसीआर में बाजार नियामक सेबी, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) और इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आईबीबीआई) जैसे डेटा शामिल होंगे, जिससे बैंक और वित्तीय संस्थान एक वास्तविक समय के आधार पर मौजूदा और साथ ही संभावित उधारकर्ताओं की 360-डिग्री प्रोफाइल प्राप्त कर सकें।

    जगदेव सिंह विर्दी को ब्रिटिश साम्राज्य के सदस्य का शाही सम्मान प्राप्त हुआ
    ब्रिटिश सिख रिपोर्ट (BSR) के संपादक जगदेव सिंह विर्दी, जो यूके में सिख समुदाय के जीवन के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, उन्हें बकिंघम पैलेस में एक समारोह में प्रिंस चार्ल्स से MBE (Member of British Empire) यानी ''ब्रिटिश साम्राज्य के सदस्य'' का शाही सम्मान मिला है।
    जगदेव सिंह विर्दी को 'सांख्यिकी सेवाओं' के लिए सम्मानित किया गया है।
    उन्होंने 2015 से 'ब्रिटिश सिख रिपोर्ट' को संपादित किया है, बता दें, ब्रिटिश सिख रिपोर्ट सिख समुदाय के विभिन्न पहलुओं के महत्वपूर्ण आंकड़े और अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

    स्पेसएक्स ने लॉन्च किया अमेरिकी वायु सेना का सबसे शक्तिशाली जीपीएस उपग्रह
    स्पेसएक्स ने अमेरिकी वायु सेना का अब तक का सबसे शक्तिशाली जीपीएस उपग्रह लॉन्च किया है।
    23 दिसंबर को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से 'फाल्कन 9 रॉकेट' से इस जीपीएस उपग्रह को लांच किया गया।
    वायु सेना के सचिव हीथर विल्सन का कहना है कि यह अगली पीढ़ी का जीपीएस उपग्रह है जोकि पिछले संस्करणों की तुलना में तीन गुना अधिक सटीक और पहले से आठ बेहतर गुना एंटी-जैमिंग है।
    इस वर्ष स्पेसएक्स का यह रिकॉर्ड 21वां और आखिरी लांच था। 
    स्पेसएक्स
    स्पेस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कार्पोरेशन, स्पेसएक्स के रूप में काम करता है। इसका मुख्यालय हैथॉर्न, कैलिफ़ोर्निया में है।

    No comments:

    Post a Comment