आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने आईसीसी क्रिकेट हॉल हॉफ फेम में शामिल किया गया है।
रिकी पोंटिंग को उनके पूर्व साथी खिलाड़ी ग्लेन मैक्ग्रा ने सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें आईसीसी हॉल फेम कैप दी गई।
पोंटिंग को पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़, इंग्लैंड महिला टीम की विकेटकीपर क्लेयर टेलर के साथ इस साल जुलाई में हॉल हॉफ फेम अवॉर्ड के लिए नामित किया गया था।
रिकी पोंटिंग
पोंटिंग के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 71 शतक हैं। उन्होंने अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को दो बार वर्ल्ड कप दिलाया है।
उन्होंने 168 टेस्ट में 41 शतकों की मदद से 13,378 रन बनाए। वहीं, 375 वनडे 30 शतक की मदद से 13,704 रन बनाए। 17 टी-20 मुकाबलों में दो अर्धशतक की मदद से 401 रन बनाए।
हॉल ऑफ फेम
आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ़ फेम समूह या सूची है, जिसका उद्देश्य क्रिकेट के इतिहास से दिग्गज खिलाड़ियों की उपलब्धियों को पहचान कर उन्हें सम्मानित करना है, जैसे कि इस बार रिकी पोंटिंग को किया गया।
यह समूह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन के सहयोग से शुरू किया गया था।
सीए कुट्टप्पा ने भारत के मुख्य मुक्केबाजी कोच के रूप में कार्यभार संभाला
द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता सीए कटप्पा को भारत का नया पुरुष मुक्केबाजी मुख्य कोच नियुक्त किया गया है।
विजेंदर सिंह, एम सुरंजय सिंह और शिव थापा सहित भारत के कुछ शीर्ष मुक्केबाजों को निखारने का श्रेय 39 साल के कटप्पा को जाता है। वह अनुभवी कोच एसआर सिंह की जगह लेंगे, जो अब सेवानिवृत्त हो गए हैं।
बता दें, कि कटप्पा अब तक सहायक कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
राष्ट्रीय खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता कर्नाटक के कटप्पा का पहला बड़ा टूर्नामेंट जनवरी-2019 में गुवाहाटी में होने वाला इंडिया ओपन होगा।
बिमल जालान आरबीआई कैपिटल रिजर्व पैनल का नेतृत्व करेंगे
RBI ने पूर्व गवर्नर बिमल जालान को 6 सदस्यीय एक्सपर्ट पैनल का हेड बनाया है।
करीब एक महीना पहले RBI बोर्ड ने एक एक्सपर्ट पैनल बनाने का फैसला किया था। इस पैनल को यह फैसला लेना था कि RBI के पास कितना रिजर्व रहेगा और कितना डिविडेंड इसे सरकार को देना चाहिए।
पूर्व गवर्नर बिमल जालान इस पैनल के हेड होंगे। वाइस चेयरमैन पूर्व इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी राकेश मोहन होंगे।
RBI ने कहा है, 'एक्सपर्ट कमेटी अपनी पहली बैठक के 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट जारी करेगी।
रिजर्व बैंक के पास करीब 9.6 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस फंड है। फाइनेंस मिनिस्ट्री का कहना था कि RBI के पास ग्रॉस एसेट का 28 फीसदी बफर ज्यादा है, जबकि दुनिया भर में यह केवल 14 फीसदी है। लिहाजा RBI फंड का कुछ हिस्सा सरकार को दे सकती है।
आंध्र प्रदेश को मिला नया हाई कोर्ट
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आंध्र प्रदेश के लिए अलग हाईकोर्ट के गठन का आदेश 26 दिसंबर को जारी कर दिया।
हाईकोर्ट एक जनवरी 2019 से अमरावती से कामकाज शुरू करेगा।
तेलंगाना के गठन के बाद दोनों राज्यों के हाईकोर्ट हैदराबाद से काम कर रहे थे। नए हाईकोर्ट के गठन के बाद देश में हाईकोर्ट की संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी।
कानून मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन नए हाईकोर्ट के प्रमुख होंगे।
फिलहाल वह उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। नए हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अलावा 15 और न्यायाधीश होंगे।
RBI ने खुदरा भुगतान की आदत का पता लगाने के लिये शुरू किया सर्वे
रिजर्व बैंक और इंडिया ने चार महानगारों समेत छह शहरों में लोगों में खुदरा भुगतान के तौर-तरीकों का पता लगाने के लिए सर्वे शुरू किया है।
आरबीआई ने 26 दिसंबर को एक विज्ञप्ति में कहा कि सर्वे में छह शहर - दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरू और गुवाहाटी में विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के 6,000 लोगों की राय ली जाएगी।
केंद्रीय बैंक के अनुसार आरबीआई की तरफ से सिगमा रिसर्च एंड कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को सर्वे के फील्ड कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें कहा गया है, ‘‘सर्वे में लोगों की भुगतान संबंधी आदतों के बारे में उनकी राय ली जाएगी।’’ जिन लोगों से एजेंसी संपर्क नहीं कर पाती है, वे आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप पर अपनी राय दे सकते हैं।
ई-कॉमर्स कंपनियों पर केंद्र सरकार हुई सख्त
केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों की ऐसी एक्सक्यूसिव डील पर रोक लगा दी है, जिनसे उत्पादों की कीमतें प्रभावित हो। साथ ही ऐसी कंपनियां अपनी हिस्सेदारी वाली अन्य कंपनियों के उत्पाद नहीं बेच पाएंगी। ऑनलाइन रिटेल में एफडीआई की संशोधित नीति फरवरी 2019 से लागू होगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने नए नियमों की घोषणा करते हुए कहा कि ऐसी कोई भी इकाई जिनके ऊपर ई-कॉमर्स कंपनी या उसके समूह की किसी कंपनी का नियंत्रण हो या उनके भंडार में ई-कॉमर्स कंपनी या उसके समूह की किसी कंपनी की हिस्सेदारी हो तो, वह इकाई संबंधित ऑनलाइन मार्केटप्लेस (मंच) के जरिए अपने उत्पादों की बिक्री नहीं कर सकेगी।
मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि मार्केटप्लेस की समूह कंपनियों द्वारा खरीदारों को दिए जाने वाले कैशबैक भेदभाव से रहित तथा उचित होने चाहिए।
अधिसूचना में यह भी कहा गया कि इन कंपनियों को हर साल 30 सितंबर तक पिछले वित्त वर्ष के लिए दिशा-निर्देशों के अनुपालन की पुष्टि को लेकर विधिवत नियुक्त अपने लेखा-परीक्षक की रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण-पत्र रिजर्व बैंक के पास जमा कराना होगा।
अटल भाषांतर योजना का शुभारंभ करेगा केंद्र
विदेश मंत्रालय (एमईए) हिंदी भाषा में अरबी, चीनी, फ्रेंच, जापानी, रूसी और स्पेनिश भाषाओं से अनुवाद के लिए ''स्पेशलाइज्ड इंटरप्रिटेशर्स'' यानी विशिष्ट दुभाषियों का एक समूह बनाने की दिशा में भाषा विशेषज्ञों को प्रशिक्षण देने के लिए अटल भाषा योजना (एबीवाई) की स्थापना कर रहा है।
अटल भाषांतर योजना के तहत प्रत्येक उम्मीदवार को उपरोक्त विदेशी भाषा में एक बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के माध्यम से चुना जाएगा, और विदेशो में प्रतिष्ठित भाषा स्कूलों में सरकारी खर्च पर विदेशी भाषा में प्रशिक्षित किया जाएगा।
उनका प्रशिक्षण पूरा होने पर सफल उम्मीदवारों को पांच साल की अवधि के लिए विदेश मंत्रालय में ''विदेश दुभाषियों'' के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
नीति आयोग : पिछड़े जिलों की दूसरी डेल्टा रैकिंग जारी
नीति आयोग ने 27 दिसंबर को देश के सबसे ज्यादा पिछड़े जिलों की दूसरी डेल्टा रैकिंग जारी की। बता दें, कि इसे ‘आकांक्षी जिलों’ की रैंकिंग करार दिया गया है।
आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने इस रैंकिंग को जारी किया। इस सूची में विरुधुनगर, तमिलनाडु को शीर्ष स्थान दिया गया है।
नीति आयोग ने एक बयान में कहा, इस रैकिंग में पहली बार नीति आयोग के ज्ञान सहयोगी - टाटा ट्रस्ट्स और बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा किए गए घरेलू सर्वेक्षण से मिले आंकड़ों को भी ध्यान में रखा गया है।
इस प्रकार की पहली रैंकिंग जून में जारी की गई थी, जिसमें उनके द्वारा किए गए विकास के मामले में जम्मू और कश्मीर का कुपवाड़ा जिला सबसे निचले स्तर पर और गुजरात का दाहोद जिला सबसे उच्च स्तर पर रहा।
इस सूची के 20 सबसे पिछड़े जिलों में 9 जिले बिहार के, 5 झारखंड के और 3 ओडिशा के हैं।
सरकार का कहना है कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम का लक्ष्य उन जिलों में तेजी से विकास करना है, जिन्होंने प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में कम प्रगति दिखाई है और पिछड़ेपन के इलाके बने हुए हैं, ताकि संतुलित क्षेत्रीय विकास हो सके।
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